- 02 April, 2026
हैदराबाद, जुलाई 4, 2025: तेलंगाना के संगारेड्डी ज़िले में स्थित एक रासायनिक फैक्ट्री में 30 जून को हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 40 लोगों की मृत्यु हो गई और 35 से अधिक घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है। यह हादसा सिगाची इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के तीन मंजिला कारखाने में हुआ, जो पूरी तरह ढह गया।
भारतीय काथलिक कलीसिया ने इस दुर्घटना की कड़ी निंदा की है। भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (CCBI) के उप महासचिव फादर स्टीफन अलाथारा ने इसे "श्रमिकों के शोषण और उनके अधिकारों की उपेक्षा" का ज्वलंत उदाहरण बताया।
फादर अलाथारा ने फीदेस न्यूज़ से बात करते हुए बताया कि मृतक और घायल अधिकतर गरीब, प्रवासी, आदिवासी और दिहाड़ी मज़दूर थे, जो समाज के सबसे कमज़ोर तबकों से आते हैं। उन्होंने इस बात की जांच की आवश्यकता बताई कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई और मालिकों व अधिकारियों ने श्रमिक सुरक्षा नियमों का पालन किया या नहीं।
तेलंगाना सरकार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को ₹10 लाख और घायलों को ₹1 लाख मुआवज़ा देने की घोषणा की है। साथ ही, 3 जुलाई को एक विशेषज्ञ जांच आयोग का गठन किया गया है जो विस्फोट के कारणों और घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा करेगा।
भारत के काथलिक धर्माध्यक्षों के सभा (सीबीसीआई) ने भी इस त्रासदी पर गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने विशेष रूप से उन प्रवासी मज़दूरों के लिए संवेदना व्यक्त की जो आजीविका की तलाश में अन्य राज्यों से तेलंगाना आए थे। धर्माध्यक्षों ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और मृतकों के परिवारों को प्रभु से सांत्वना और शक्ति देने की प्रार्थना की।
सीबीसीआई ने इस दुखद घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की माँग करते हुए दोहराया कि हर व्यक्ति को सुरक्षित कार्यस्थल और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है, जिसे एक नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी के रूप में बनाए रखा जाना चाहिए।
फादर अलाथारा ने मौजूदा श्रम कानूनों की समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि कमजोर वर्गों का शोषण रोका जा सके। उन्होंने कहा कि न्याय तक पहुँच इन लोगों के लिए कठिन होती है, लेकिन कलीसिया हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
अंत में, भारत भर के काथलिकों से दैनिक मिस्सा के दौरान पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करने का आह्वान किया गया है।
सौजन्य: वैटिकन न्यूज़
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